सूरह अल-फलक और सूरह अन-नास का वज़ीफ़ा | जादू, हसद, बुरी नज़र और हर बुराई से हिफ़ाज़त
क्या आप जादू, हसद, बुरी नज़र या शैतानी वसवसों से परेशान हैं?
सूरह अल-फलक और सूरह अन-नास क़ुरआन की बेहतरीन हिफ़ाज़ती सूरतें हैं।
इन्हें सुबह-शाम पढ़ें और अल्लाह तआला की पनाह हासिल करें।
सूरह अल-फलक और सूरह अन-नास का वज़ीफ़ा क़ुरआन मजीद के महान मस्नून अमलों में से है। इन दोनों सूरतों को मुअव्विज़तैन कहा जाता है क्योंकि ये बंदे को जादू, हसद, बुरी नज़र, शैतानी वसवसों और हर प्रकार की बुराई से अल्लाह तआला की पनाह में ले जाती हैं।
अगर आप जादू से हिफ़ाज़त की दुआ, बुरी नज़र से बचने का वज़ीफ़ा, रुक़्यह शरइय्या या सुबह-शाम के अज़कार के बारे में सही रहनुमाई चाहते हैं तो सूरह अल-फलक और सूरह अन-नास की तिलावत एक बेहतरीन मस्नून अमल है।
🔥 जादू, हसद, वसवसों और हर प्रकार की बुराई से मुकम्मल हिफ़ाज़त
अगर आप जादू, बुरी नज़र, हसद, ज़ेहनी दबाव या शैतानी वसवसों से परेशान हैं तो क़ुरआन की ये दो अज़ीम सूरतें आपकी सबसे बड़ी रूहानी ढाल हैं। नबी करीम ﷺ ने इन्हें सुबह-शाम के अज़कार और सोने से पहले के मामूल में शामिल फ़रमाया।
तम्हीद
الحمد لله رب العالمين، والصلاة والسلام على سيد الأنبياء والمرسلين، أما بعد:
क़ुरआन मजीद अल्लाह तआला का महफ़ूज़ कलाम है जो इंसान की रूहानी, जिस्मानी और ज़ेहनी हिफ़ाज़त का बेहतरीन ज़रिया है। इसमें सूरह अल-फलक और सूरह अन-नास को ख़ास मक़ाम हासिल है क्योंकि इन दोनों सूरतों में बंदा हर ज़ाहिरी और बातिनी शर से अल्लाह तआला की पनाह मांगता है।
अहल-ए-इल्म के मुताबिक इन दोनों सूरतों को “मुअव्विज़ात” या “मुअव्विज़तैन” कहा जाता है क्योंकि ये बंदे को जादू, हसद, बुरी नज़र, शैतानी वसवसों और हर नुकसानदेह चीज़ से अल्लाह तआला की पनाह में ले जाती हैं।
क़ुरआन मजीद में मुअव्विज़तैन की अज़मत
अल्लाह तआला सूरह अल-फलक में फ़रमाते हैं:
﴿قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ وَمِنْ شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ وَمِنْ شَرِّ النَّفَّاثَاتِ فِي الْعُقَدِ وَمِنْ شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ﴾
सूरह अल-फलक में बंदा अल्लाह तआला से हर मख़लूक़ के शर, रात की तारीकी, जादू के असरात और हसद करने वाले के शर से पनाह मांगता है। इसी वजह से यह सूरत जादू से हिफ़ाज़त की दुआ और बुरी नज़र के इलाज के तौर पर भी पढ़ी जाती है।
अल्लाह तआला सूरह अन-नास में फ़रमाते हैं:
﴿قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ مَلِكِ النَّاسِ إِلٰهِ النَّاسِ مِنْ شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَّاسِ الَّذِي يُوَسْوِسُ فِي صُدُورِ النَّاسِ مِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ﴾
सूरह अन-नास दिल में आने वाले शैतानी वसवसों से हिफ़ाज़त का बेहतरीन क़ुरआनी इलाज है। इसमें इंसान अल्लाह तआला को अपना रब, बादशाह और माबूद मानकर हर वसवसा डालने वाले के शर से पनाह मांगता है।
सुबह और शाम मुअव्विज़तैन की फ़ज़ीलत
«قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ وَالْمُعَوِّذَتَيْنِ حِينَ تُمْسِي وَحِينَ تُصْبِحُ ثَلَاثَ مَرَّاتٍ تَكْفِيكَ مِنْ كُلِّ شَيْءٍ»
इस हदीस से मालूम होता है कि सूरह अल-इख़लास, सूरह अल-फलक और सूरह अन-नास को सुबह और शाम तीन-तीन बार पढ़ना मस्नून अमल है। यह अमल अल्लाह तआला के हुक्म से इंसान के लिए हर प्रकार की बुराई से हिफ़ाज़त का ज़रिया बनता है।
हवाला: सुनन अबी दाऊद (5041), जामिअ तिर्मिज़ी (3575)
सोने से पहले नबी ﷺ का मामूल
नबी करीम ﷺ सोने से पहले सूरह अल-इख़लास, सूरह अल-फलक और सूरह अन-नास पढ़कर अपने जिस्म मुबारक पर दम फ़रमाया करते थे। यह सुन्नत आज भी हर मुसलमान के लिए बेहतरीन रूहानी हिफ़ाज़त का ज़रिया है।
हवाला: सहीह बुख़ारी
जादू, हसद और बुरी नज़र से हिफ़ाज़त
सूरह अल-फलक में जादू करने वालों और हसद करने वालों के शर से पनाह मांगी गई है। इसी लिए उलेमा ने मुअव्विज़तैन को रुक़्यह शरइय्या में अहम क़रार दिया है। अगर किसी को बुरी नज़र, ख़ौफ़, बेचैनी या वसवसों की शिकायत हो तो वह यक़ीन, इख़लास और तवक्कुल के साथ इन सूरतों को पढ़ सकता है।
दम और रुक़्यह शरइय्या की हैसियत
क़ुरआन मजीद, मस्नून दुआओं और अल्लाह तआला के पाक नामों के ज़रिए दम करना जायज़ और सुन्नत है, बशर्ते कि इसमें कोई शिर्क वाली बात शामिल न हो।
तफ़सीली मस्नून अमल
- फ़ज्र के बाद सूरह अल-इख़लास, सूरह अल-फलक और सूरह अन-नास तीन-तीन बार पढ़ें।
- शाम के वक़्त यही अमल दोहराएं।
- सोने से पहले दम करके जिस्म पर हाथ फेरें।
- बुरी नज़र या ख़ौफ़ के वक़्त मुअव्विज़तैन पढ़ें।
- अल्लाह तआला पर मुकम्मल तवक्कुल रखें।
- इस्तिग़फ़ार और दुरूद शरीफ़ का एहतिमाम करें।
रूहानी फ़ायदे
- जादू से हिफ़ाज़त
- हसद और बुरी नज़र से बचाव
- शैतानी वसवसों का ख़ातमा
- दिल को सुकून और इत्मीनान
- नींद में हिफ़ाज़त
- बच्चों की रूहानी हिफ़ाज़त
- ईमान में मज़बूती
Surah Falaq and Naas Benefits (सूरह अल-फलक और सूरह अन-नास के फ़ायदे)
बहुत से लोग Surah Falaq and Naas Benefits के बारे में जानना चाहते हैं क्योंकि सूरह अल-फलक और सूरह अन-नास क़ुरआन मजीद की अज़ीम हिफ़ाज़ती सूरतें हैं। Surah Al Falaq and Naas की तिलावत जादू, हसद, बुरी नज़र, शैतानी वसवसों और हर प्रकार के शर से अल्लाह तआला की पनाह हासिल करने का बेहतरीन ज़रिया है।
अहादीस मुबारका से मालूम होता है कि Surah Naas and Falaq को सुबह-शाम और सोने से पहले पढ़ना मस्नून अमल है। Surah Falaq and Surah Naas Benefits में रूहानी सुकून, ज़ेहनी इत्मीनान, ख़ौफ़ से निजात, बच्चों की हिफ़ाज़त और रुक़्यह शरइय्या में इस्तेमाल शामिल है।
बहुत से ग़ैर-अरबी ज़बान बोलने वाले मुसलमान Surah Falaq and Naas in English और Surah Falaq and Surah Naas English Translation भी तलाश करते हैं ताकि इन सूरतों के मआनी समझकर ज़्यादा ख़ुशू और यक़ीन के साथ तिलावत कर सकें।
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवालात
क्या सूरह अल-फलक और सूरह अन-नास जादू से बचाती हैं?
जी हां, इन सूरतों में जादू और हसद के शर से पनाह मांगी गई है।
क्या मुअव्विज़तैन बुरी नज़र के लिए मुफ़ीद हैं?
जी हां, बुरी नज़र और हसद से हिफ़ाज़त के लिए यह बेहतरीन मस्नून अमल हैं।
सुबह और शाम कितनी बार पढ़ें?
तीन-तीन बार पढ़ना हदीस से साबित है।
क्या बच्चों पर दम किया जा सकता है?
जी हां, बच्चों पर मुअव्विज़तैन पढ़कर दम किया जा सकता है।
इख़्तिताम
सूरह अल-फलक और सूरह अन-नास अल्लाह तआला की अज़ीम नेमत हैं। जो व्यक्ति इन्हें अपनी रोज़मर्रा ज़िंदगी का हिस्सा बना लेता है, वह अल्लाह तआला की पनाह तलब करता है और जादू, हसद, बुरी नज़र और शैतानी वसवसों से हिफ़ाज़त की दुआ करता है।
📞 दीनी रहनुमाई और सवालात के लिए राब्ता
अगर क़ुरआन, हदीस, वज़ाइफ़, जादू, बुरी नज़र, हसद, दम या रुक़्यह शरइय्या के बारे में आपका कोई सवाल हो तो क़ुरआन व सुन्नत की रोशनी में रहनुमाई के लिए राब्ता फ़रमाएँ।
✍️ तालीफ़ व तहक़ीक़: हज़रत मौलाना मुहम्मद तल्हा अवान मद्द ज़िल्लहुल आली
📱 राब्ता नंबर: +92 304 7205252
अल्लाह तआला हमें क़ुरआन मजीद को समझने, उस पर अमल करने और दूसरों तक पहुँचाने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
وآخر دعوانا أن الحمد لله رب العالمين




